मिलिंद देवड़ा के कांग्रेस छोड़ने से कितना बदल गई मुंबई की सियासत

  • [By: Asian Express Live || 2024-01-15 17:41 IST
मिलिंद देवड़ा के कांग्रेस छोड़ने से कितना बदल गई मुंबई की सियासत

मुंबई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू करने से ठीक पहले कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा के इस्तीफे से कांग्रेस को झटका लगा है। वहीं, मुंबई का सियासी समीकरण भी बदल गया है। जानकारों का कहना है कि मुंबई में मिलिंद देवड़ा के जनाधार वाले इलाके में कांग्रेस कमजोर होगी, तो उद्धव ठाकरे की शिवसेना को भी कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना मुंबई में भाजपा के सहारे अपना जनाधार बढ़ाने में कामयाब हो जाएगी।

I am honored and deeply grateful for my well-wishers and supporters.

As I begin a new political journey under the leadership of @mieknathshinde Ji in @Shivsenaofc, I remain committed to working diligently towards the development of Mumbai and Maharashtra, contributing to India’s… pic.twitter.com/ianU4LdBnt

— Milind Deora | मिलिंद देवरा ☮️ (@milinddeora) January 14, 2024 ">

मिलिंद देवड़ा के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने से यह तय हो गया है कि देश की सबसे अमीर संसदीय सीट दक्षिण मुंबई में अब शिवसेना (एकनाथ शिंदे) बनाम शिवसेना (उद्धव ठाकरे) की लड़ाई होगी। जहां से उद्धव ठाकरे की शिवसेना के अरविंद सावंत भाजपा की मदद से लगातार दो बार से सांसद हैं। इसका असर मुंबई की छह लोकसभा सीटों पर पड़ेगा। मिलिंद देवड़ा साल 2004 और 2009 में दो बार लगातार दक्षिण मुंबई सीट से जीते, लेकिन साल 2014 मे मोदी लहर के बाद वह लगातार दो बार चुनाव हार गए।  दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट को कांग्रेस की उम्मीदवारी को लेकर मिलिंद देवड़ा ने काफी कोशिशें कीं। उन्होंने कुछ दिन पहले दिल्ली जाकर आलाकमान से चर्चा करने की कोशिश की थी। लेकिन उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया। इससे पार्टी से उनकी नाराजगी बढ़ गई। माना जा रहा है कि बंटवारे में दक्षिण मुंबई सीट उद्धव की शिवसेना के खाते में जाते देख मिलिंद देवड़ा ने नई राजनीतिक पारी खेलने का फैसला किया। दूसरी और शिवसेना के दो भागों में बंट जाने के बाद उद्धव गुट की ताकत आधी हो गई है। जाहिर है कि इससे आगामी लोकसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को वह लाभ नहीं मिल पाएगा, जो 2014 और 2019 में भारतीय जनता पार्टी के साथ रहते हुए मिला था। इस बीच, दो बार चुनाव हारने के बाद भी मिलिंद देवड़ा के जनाधार में कोई कमी नहीं आई है। दक्षिण मुंबई जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से लेकर अधिकांश कार्यकर्ता और पूर्व पार्षद मिलिंद के साथ हैं, जो शनिवार को उनके सा्थ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए हैं। अगर, दक्षिण मुंबई से उम्मीदवारी मिली तो मिलिंद को इसका लाभ मिल सकता है।


मुंबई कांग्रेस में देवड़ा परिवार की बड़ी अहम् भूमिका रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा करीब 25 साल तक मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। मुरली देवड़ा के पास कांग्रेस पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी थी। दक्षिण मुंबई से मिलिंद देवड़ा दो बार सांसद रहे, तो उनके पिता मुरली देवड़ा ने चार बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया है। पिता मुरली देवड़ा के बाद मिलिंद देवड़ा ने पार्टी के लिए अहम भूमिका निभाई। ग़ौरतलब है कि देवड़ा परिवार का गांधी परिवार के साथ न केवल राजनीतिक बल्कि पारिवारिक रिश्ते भी थे। पिछले दो बार चुनाव हारने के बाद भी मिलिंद देवड़ा के जनाधार में कोई कमी नहीं आई है।

मुंबई के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। बाल ठाकरे महाराष्ट्र की राजनीति में भले ही शिवसेना मराठियों को तरजीह देते थे, लेकिन दिल्ली में पार्टी की आवाज बुलंद करने वाले को मौका देते थे। बाल ठाकरे ने जहां प्रितीश नंदी, राजकुमार धूत और संजय निरूपम को राज्यसभा भेजा था, वहीं, उद्धव ठाकरे ने गैरमराठी प्रियंका चतुर्वेदी को राज्यसभा में भेजा। कहा जा रहा है कि इसी तरह एकनाथ शिंदे ने भी मिलिंद देवड़ा को पार्टी में शामिल किया है। मिलिंद देवड़ा के दिल्ली कनेक्शन का भी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को लाभ मिल सकेगा।

https://youtu.be/Yd6AExqkOSE?si=WB0oatyrsDVRGpiT

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