दिल का दरवाजा तो खोल, मुझे भीतर तो आने दे (कविता)

- [By: PK VERMA || 2022-07-06 13:24 IST
दिल का दरवाजा तो खोल, मुझे भीतर तो आने दे।
इन गहरी झील सी आँखों में मुझे सामने तो दे।।
तेरे दीदार को तरसी इन आँखों को।
आज तो जी भर के जरा रोने तो दे।।
बेचैनी में गुजारी है कई रातें तेरे बगैर।
अब अपने आग़ोश में जरा चैन से सोने तो दे।।
चली जाना फिर से तन्हा छोड़कर मुझे।
कुछ लम्हे तो सुकून के मुझे जी तो लेने दे।।
रुख़सत भी हो जाना, जब तुम्हारा जी भर जाये मुझसे।
अभी तो शाम बाकी है, ज़रा शमां तो रोशन हो जाने दे।।
23/06/2022
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