निर्माण कार्य में ख़राब गुणवत्ता पर नपेंगे अभियंता-ठेकेदार: नगरायुक्त सौरभ गंगवार

  • [By: Meerut Desk || 2024-10-07 15:19 IST
निर्माण कार्य में ख़राब गुणवत्ता पर नपेंगे अभियंता-ठेकेदार: नगरायुक्त सौरभ गंगवार

मेरठ। रविवार को समीक्षा बैठक में नगरायुक्त ने निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में अवर अभियंता रजपाल सिंह को डांटकर बैठक से बाहर निकाल कर उसे कार्यमुक्त करने के आदेश दिए। साथ ही अभियंताओं की क्लास लेते हुए कहा कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री प्रयोग करने और निर्धारित समय में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले ठेकेदार ब्लैकलिस्ट होंगे।

मुख्य अभियंता से अधिशासी, सहायक और अवर अभियंताओं की लगी जमकर क्लास: नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने रविवार को नगर निगम के दफ्तर में निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने समय पर काम न करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और जेई रजपाल सिंह को कार्यमुक्त करने का आदेश दिया। समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने शहर में चल रहे करोड़ों रूपये के निर्माण कार्यो को लेकर मुख्य अभियंता से लेकर सभी जेई, एई, एक्सईएन की जमकर क्लास ली और जमकर डांट लगाई। अवर अभियंता रजपाल को तो डांट लगाकर बैठक से बाहर निकाल दिया। साथ ही अवर अभियंता रजपाल को कार्यमुक्त करने का भी आदेश दिया गया। 

एशियन एक्सप्रेस ने निगम के निर्माण विभाग के अवर अभियंता रजपाल सिंह से वार्ड 62 और 43 में सड़क-नाली निर्माण कार्य में कच्ची ईंटों जोकि बहुत ही घटिया क्वालिटी की थी, के इस्तेमाल के बारे में जानकारी ली। लेकिन अवर अभियंता रजपाल सिंह ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और न ही कोई एक्शन लिया तथा न ही कार्यस्थल पर जाकर घटिया क्वालिटी की ईंटों की जाँच की। तत्पश्चात एशियन एक्सप्रेस संवाददाता ने नगर आयुक्त से अवर अभियंता रजपाल के कार्य के प्रति लापरवाही के बारे में बात की। नतीजा अगले ही दिन समीक्षा बैठक में नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने अवर अभियंता रजपाल सिंह को डांट पिलाते हुए बैठक से बाहर निकाल दिया और कार्य के प्रति शिथिलता और लापरवाही के चलते उसे कार्यमुक्त करने के आदेश दे दिए। 

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ख़राब गुणवत्ता पर नपेंगे अभियंता और ठेकेदार: इसके अतिरिक्त नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता देवेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता अमित शर्मा, सहायक और अवर अभियंताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि गुणवत्ता में कमी और निर्धारित समय में कार्य पूर्ण नहीं होने पर ठेकेदारों के साथ साथ सम्बंधित अभियंता भी नपेंगे। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार निर्धारित समय पर काम नहीं करेगा एवं घटिया सामग्री का प्रयोग करेगा तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। काम समय पर और पूर्ण गुणवत्ता के साथ होना चाहिए। 

महानगर के विभिन्न वार्डो में सड़कों के गड्ढा-मुक्ति के 3 करोड़ 45 लाख रूपये के 45 कार्यो पर 9 अक्तूबर तक का अल्टीमेटम दिया गया। नगर आयुक्त ने कहा कि सभी जेई 9 अक्तूबर तक गढ्ढा-मुक्ति का कार्य पूर्ण कराकर प्रमाण पत्र दें। साथ ही सम्बन्धित ठेकेदार के खिलाफ ब्लैकलिस्ट और जेई, एई के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

निर्माण कार्य 15 कार्य 90-95 फ़ीसदी ही पूर्ण: 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत 72 करोड़ से कराये जा रहे 69 निर्माण कार्यो की समीक्षा की गयी। समीक्षा के समय पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-2024 के 15 कार्य 90-95 फ़ीसदी पूर्ण दिखाये गये हैं, किन्तु फाइनल नही किया गया। इस पर नगर आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए ऐसे सभी कार्य 25 अक्तूबर तक पूर्ण करनेको कहा। अवशेष कार्यो में प्रगति कम पाये जाने पर सम्बन्धित अभियन्ताओ को चेतावनी दी गई।

अवस्थापना निधि के 12 कार्यो में विवाद इसके उपरान्त अवस्थापना निधि से 53 करोड़ की लागत से कराये जा रहे 12 कार्यो की समीक्षा की। कई कार्यो में जगह को लेकर विवाद होने के कारण प्रगति लंबित है। नगर आयुक्त ने एक्सईएन अमित शर्मा को प्रवर्तन दल के साथ जाकर शहर में हो रहे अतिक्रमण को हटवाने व विवादों को समाप्त कर 25 अक्तूबर को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। 

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