अब स्कूल फीस नगद नहीं, 5 साल तक यूनिफॉर्म में भी बदलाव नहीं, मनमानी फ़ीस नहीं बढ़ा सकेंगे प्राइवेट स्कूल

  • [By: Meerut Desk || 2022-07-05 17:16 IST
अब स्कूल फीस नगद नहीं, 5 साल तक यूनिफॉर्म में भी बदलाव नहीं, मनमानी फ़ीस नहीं बढ़ा सकेंगे प्राइवेट स्कूल

नई दिल्ली/गुड़गांव। हरियाणा की भाजपा सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की मनमर्जी पर अंकुश लगा दिया है। अब प्राइवेट स्कूल छात्रों के परिजनों को स्कूल से किताबे एवं स्टेशनरी, यूनिफार्म खरीदने को मजबूर नहीं कर सकेंगे। दरअसल 2022-23 के शैक्षणिक सत्र से निजी स्कूलों के नकद फीस लेने पर रोक लगा दी गई है। स्कूलों को चेक या ऑनलाइन माध्यम से ही फीस जमा करवानी होगी। स्कूल 5 साल से पहले यूनिफॉर्म भी नहीं बदल सकेंगे। स्टेशनरी आदि खरीदने के लिए कहीं से भी मजबूर नहीं किया जाएगा। स्कूल फीस वृद्धि कानून को लेकर शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है। इससे पहले जारी आदेशों में कहा गया था कि कोई भी निजी स्कूल 10.13% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते हैं। जिले में करीब 400 स्कूल हैं, जिन्हें अब इन आदेशों के तहत ही कार्य करना होगा। कई शैक्षणिक संस्थान कैशसे छात्रों की फीस लेते है जबकि कागजों में फीस कुछ और ही दर्शाई जाती है। ऐसे में कोई भी स्कूल फीस जमा करने की प्रक्रिया को खुली और पारदर्शी रखेगा। छात्रों से फीस डीडी, एनईएफटी, चेक, आरटीजीएस या अन्य किसी डिजिटल माध्यम से ली जाएगी। इसके साथ ही कोई भी स्कूल छमाई या वार्षिक आधार पर फीस नहीं लेगा। इसके साथ ही स्कूल में प्रवेश के समय पहली, छठी, 9वीं और 11वीं कक्षा में दाखिले के समय पर भुगतान योग्य दाखिला फीस ली जा सकेगी। स्कूलों को स्पष्ट किया गया है कि बोर्ड परीक्षाओं की ही केवल परीक्षा फीस ही ली जाएगी। इसके बाद भी अगर कोई स्कूल 3 बार से अधिक दोषी पाया जाता है तो उसकी मान्यता को भी रद्द किया जा सकता है।

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