मृतक आश्रित कर्मचारियों की टंकण परीक्षा में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार, मुख्यमंत्री से शिकायत 

  • [By: Lucknow Desk || 2025-01-25 16:46 IST
मृतक आश्रित कर्मचारियों की टंकण परीक्षा में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार, मुख्यमंत्री से शिकायत 

मेरठ। लोक निर्माण विभाग (सर्किल) द्वारा इन दिनों मृतक आश्रितों की टंकण परीक्षा का आयोजन किया गया है। जानकारी के अनुसार मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाने वाले कर्मचारी को 2 साल के भीतर टाइपिंग की परीक्षा उत्तीण करनी पड़ती है। जिसके अंतर्गत टाइपिंग परीक्षा में उत्तीण होने पर कर्मचारी को लिपिक/कंप्यूटर ऑपरेटर बना दिया जाता है। दूसरी और टाइपिंग परीक्षा में फेल हो जाने पर उक्त कर्मचारी को चपरासी बना दिया जाता है। 

28 मृतक आश्रित कर्मचारियों का हुआ टाइपिंग टेस्ट: लोक निर्माण विभाग मेरठ क्षेत्र में दो सर्किल अधिकारी है। मेरठ और बुलंदशहर। मेरठ सर्किल में दो जिले मेरठ और बाग़पत है जिसके अधीक्षण अभियंता जगदीश प्रसाद है। दूसरी और बुलंदशहर सर्किल में 4 जिले आते है: हापुड़, बुलंदशहर, गाज़ियाबाद और गौतमबुद्ध नगर। उक्त दोनों सर्किल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खण्डों में लगभग 28 मृतक आश्रित कर्मचारी है जिनकी नियुक्ति लगभग 2-3 साल पूर्व हुई थी। शासनादेश के अनुसार मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाने वाले कर्मचारी को 2-3 साल के भीतर हिंदी भाषा में टाइपिंग की परीक्षा उत्तीण करनी होती है। परीक्षा में पास हो जाने पर उक्त कर्मचारी को लिपिक/कंप्यूटर ऑपरेटर (तृतीय श्रेणी) बना दिया जाता है और परीक्षा में फेल हो जाने पर चपरासी अर्थात चतुर्थ श्रेणी में भेज दिया जाता है। 

ऑनलाइन टाइपिंग सॉफ्टवेयर पर होना चाहिए था टाइपिंग टेस्ट: लोक निर्माण विभाग मेरठ सर्किल द्वारा मृतक आश्रित कर्मचारियों का दिनांक 8, 9 और 10 जनवरी 2025 को ऑफलाइन टाइपिंग टेस्ट लिया गया जो कि नियमविरुद्ध है। ऑफलाइन टाइपिंग टेस्ट के परिणाम के साथ आसानी से छेड़छाड़ की जा सकती है जो कि भ्रष्टाचार की और संकेत करता है। जबकि नियमानुसार टाइपिंग टेस्ट ऑनलाइन टाइपिंग सॉफ्टवेयर पर होना चाहिए था जिससे की परिणाम में किसी प्रकार की छेड़खानी ना की जा सके। इस बाबत हमारे संवाददाता ने लोकनिर्माण विभाग मेरठ सर्किल के अधीक्षण अभियंता जगदीश प्रसाद से पूछा तो उन्होंने यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि यह उनकी जानकारी में नहीं है। जबकि मृतक आश्रित कर्मचारियों के टाइपिंग टेस्ट जी जिम्मेदारी इसी अधीक्षण अभियंता के पास है। 

ढाई लाख रूपये लेकर टाइपिंग टेस्ट में पास करने का ऑडियो वायरल: लोक निर्माण विभाग मेरठ क्षेत्र के इस प्रकरण में एक ऑडियो वायरल हो रही है जिसमे कहा गया है कि ढाई लाख रूपये देने वाले को टीपीटिंग परीक्षा में उत्तीण किया जा रहा है और पैसे नहीं देने वाले कर्मचारी को फेल किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग में ढाई लाख रूपये लेकर टाइपिंग परीक्षा में उत्तीण करने की चर्चा जोरो पर है। चर्चा है कि पैसे नहीं देने वाले कई कर्मचारियों को टाइपिंग टेस्ट में फेल कर दिया गया है। 

लोक निर्माण विभाग सर्किल के इस भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से: लोक निर्माण विभाग पश्चिमी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेरठ, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, गाज़ियाबाद और गौतमबुद्ध नगर के विभिन्न खंडो में कार्यरत मृतक आश्रित कर्मचारियों से टाइपिंग टेस्ट में उत्तीण होने के लिए ढाई लाख रूपये की वसूली की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके ट्विटर हैंडल पर की गई है। शिकायत में कहा गया है कि अधीक्षण अभियंता द्वारा आयोजित की गई इस टाइपिंग परीक्षा को रद्द करके इसकी जिम्मेदारी मेरठ मंडलायुक्त को दी जाये और लोक निर्माण विभाग के भ्रष्ट अभियंताओं पर कड़ी कार्यवाई की जाये। 

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