मेरठ के केएमसी हॉस्पिटल में किडनी रैकेट का पर्दाफाश, चोरी से निकाली महिला की किडनी, संचालक डॉ सुनील गुप्ता समेत 6 पर मुकदमा दर्ज़ 

  • [By: Meerut Desk || 2025-01-15 15:45 IST
मेरठ के केएमसी हॉस्पिटल में किडनी रैकेट का पर्दाफाश, चोरी से निकाली महिला की किडनी, संचालक डॉ सुनील गुप्ता समेत 6 पर मुकदमा दर्ज़ 

बुलंदशहर/मेरठ। जनपद के बागपत रोड स्थित नामचीन केएमसी हॉस्पिटल में किडनी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने चोरी से महिला की किडनी निकाल ली। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केएमसी हॉस्पिटल संचालक डॉ सुनील गुप्ता समेत 6 चिकित्सकों पर एफआईआर दर्ज की है। 

अवैध अंग तस्करी का मामला: इंसानियत शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बुलंदशहर निवासी कविता के अनुसार वह बुखार और कमजोरी की शिकायत पर केएमसी हॉस्पिटल में भर्ती हुईं, जहां पर डॉक्टरों ने चोरी से उसकी बाईं किडनी निकाल गई। केएमसी हॉस्पिटल में किडनी चोरी का यह गंभीर मामला अवैध अंग तस्करी की ओर इशारा करता है। 

क्या है मामला: दरअसल मेरठ के बागपत रोड स्थित और डॉ सुनील गुप्ता द्वारा संचालित केएमसी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 2017 में महिला की डॉक्टरों द्वारा चोरी से किडनी निकालने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य ख़राब होने पर पीड़िता श्रीमती कविता ने 2022 में अपनी जांच कराई, तो पता चला कि ऑपरेशन के दौरान उनकी बाईं किडनी निकाल ली गई थी। मामला उजागर होने पर पीड़िता श्रीमती कविता ने कोर्ट का सहारा लिया। एसीजेएम-तृतीय बुलंदशहर के आदेश पर नरसेना थाने में केएमसी हॉस्पिटल संचालक दंपति समेत 6 डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।  

बुलंदशहर के नरसेना क्षेत्र की रहने वाली कविता ने बताया कि 2017 में उन्हें बुखार और कमजोरी की शिकायत के बाद केएमसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉ. सुनील गुप्ता ने कविता के परिजनों को ऑपरेशन की सलाह दी। 20 मई 2017 को कविता का ऑपरेशन हुआ। लेकिन 2022 में जांच के बाद खुलासा हुआ कि कविता की बाईं किडनी ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों द्वारा निकाल ली गई थी। पीड़ित कविता ने केएमसी हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर अवैध अंग तस्करी का आरोप लगाया है। उसने बताया कि किडनी निकालने के बावजूद फर्जी रिपोर्ट्स तैयार कर उन्हें गुमराह किया गया। जब शिकायत की, तो आरोपियों ने मारपीट कर दस्तावेज छीन लिया। 

एफआईआर में शामिल धाराएं: कोर्ट के आदेश पर मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 की धारा 18, आईपीसी की धारा 120बी, 326, और 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों में डॉ. सुनील गुप्ता, उसकी पत्नी डॉ. प्रतिभा गुप्ता, डॉ. अजय एन वत्स, डॉ. निकिता जग्गी, डॉ. सतीश कुमार अरोरा, और डॉ. सीमा वाष्णेय शामिल हैं। 

पीड़िता कविता ने बताया कि केएमसी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मेरे साथ धोखा किया और अब धमकी देकर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।  बुलंदशहर के एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सभी आरोपों की सच्चाई सामने लाई जाएगी।  

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