पुलिस ने प्रिंटिंग प्रेस पर छापा, फर्जी तरीके से छपती मिली ब्रांडेड किताबें, प्रिंटिंग प्रेस मालिक फ़रार 

  • [By: Meerut Desk || 2025-01-06 17:41 IST
पुलिस ने प्रिंटिंग प्रेस पर छापा, फर्जी तरीके से छपती मिली ब्रांडेड किताबें, प्रिंटिंग प्रेस मालिक फ़रार 

मेरठ/हापुड़ (उ.प्र.): कुछ साल पहले मेरठ में भाजपा नेता संजीव गुप्ता की प्रिंटिंग प्रेस पर पुलिस ने छापा मारा था जहाँ पर सरकारी किताबें और अन्य बड़े प्रकाशनों की लोकप्रिय किताबें अवैध रूप से छपती हुई पकड़ी गई थी। इन नकली किताबों की कीमत करोड़ों रूपये की थी। इन नकली किताबों के तार हापुड़ से भी जुड़े पाए गए थे। उस समय इस मामले में कई लोग जेल भेजे गए थे। 

ऐसे ही ब्रांडेंड प्रकाशनों की लोकप्रिय किताबों की अवैध रूप से छपाई की सूचना मिलने पर हापुड़ पुलिस ने प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा और लाखों रूपये की लोकप्रिय किताबे अवैध रूप से छपती हुई मिली। प्रिंटिंग प्रेस का मालिक महबूब अली मौके से फ़रार हो गया। पुलिस फ़रार प्रिंटिंग प्रेस के मालिक की गिरफ़्तारी को दबिश डाल रही है।

क्या है मामला: हापुड़ जनपद के थाना धौलाना क्षेत्र के गांव पिपलेडा स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में पुलिस ने एक प्रिंटिंग प्रेस पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लाखों रुपये की कीमत की फर्जी किताबें बरामद कीं। पकड़ी गई किताबें नामचीन कंपनियों के ब्रांडेड पब्लिकेशन की थीं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस प्रिंटिंग प्रेस में एस चंद कंपनी और अन्य प्रमुख पब्लिकेशन्स की किताबों का फर्जी तरीके से मुद्रण किया जा रहा था। एस चंद कंपनी के लीगल ऑफिसर संजीव कुमार ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी कंपनी की किताबों का अवैध रूप से मुद्रण हो रहा है। जिससे कंपनी को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस सूचना के बाद हापुड़ जिले के डीएम और एसपी को सूचित किया गया और पुलिस ने देर रात प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा।

पुलिस ने रात में मारा छापा: हापुड़ पुलिस की टीम जैसे ही प्रिंटिंग प्रेस पहुंची वहां काम कर रहे लोग घबराए हुए थे। जांच में पाया गया कि प्रेस में बड़ी संख्या में एस चंद कंपनी के साथ-साथ अन्य पब्लिकेशन्स की किताबें छापी जा रही थीं। पुलिस ने प्रिंटिंग कार्य को तत्काल बंद करा दिया। धौलाना थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई नामचीन कंपनियों की किताबें बरामद की गई हैं। हालांकि, इन किताबों को छापने के लिए कोई वैध अनुमति का दस्तावेज नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

SEARCH

RELATED TOPICS