एसबीआई ने 13 मुर्दों को दिया 70 लाख का लोन, प्रबंधक, कैशियर पर मुक़दमा दर्ज़, भेजा जेल 

  • [By: Meerut Desk || 2025-03-07 15:40 IST
एसबीआई ने 13 मुर्दों को दिया 70 लाख का लोन, प्रबंधक, कैशियर पर मुक़दमा दर्ज़, भेजा जेल 

गोरखपुर। जनपद में 13 मुर्दों को भारतीय स्टेट बैंक ने 70 लाख का ऋण दे दिया। ऋण के पैसे खाते में आने के बाद निकाल भी लिए गए। ब्रांच मैनेजर कुमार भास्कर भूषण, अकाउंटेंट अमरेंद्र कुमार सिंह व कैंटीन व्वॉय पंकज मणि त्रिपाठी ने मिलकर मृत रिटायर्ड कर्मियों के नाम से लोन पास करके पैसा निकाल कर बंदरबाट कर ली। 

क्या है मामला: दरअसल गोरखपुर में जंगल कौड़िया स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से 70.20 लाख रुपये का फर्जी प्रपत्रों पर लोन पास करने और खाते से पैसा निकालने का मामला सामने आया है। भारतीय स्टेट बैंक बैंककर्मियों ने बैंक के कैंटीन व्वॉय के साथ मिलकर 13 ‘मुर्दों’ के नाम से लोन पास कराकर पैसा निकाल लिया। यह मुर्दे रिटायर्ड कर्मचारी थे जिनका बैंक में पेंशन खाता था और उनकी मौत हो चुकी थी। गबन के मामले में गुरुवार को लखनऊ से आए एसबीआई के सहायक महाप्रबंधक ने जंगल कौड़िया चौकी पर पहुंच कर अपनी जांच रिपोर्ट विवेचक को सौंप दी। अब इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।

दरअसल जंगल कौड़ियां स्थित भारतीय स्टेट बैंक से कूटरचित फ़र्जी दस्तावेज का प्रयोग कर पेंशनर्स व मुर्दों के खातों के साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के खातों से लोन स्वीकृत कर जालसाजी की गई है। पीपीगंज पुलिस ने इस मामले में बैंक प्रबंधक, कैशियर और कैंटीन व्वॉय के खिलाफ केस दर्ज किया था। जिसमें कैशियर अमरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और कैंटीन व्वॉय पंकज ने पुलिस गिरफ़्तारी से बचने के लिए कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

भारतीय स्टेट बैंक की जंगल कौड़िया शाखा के खाताधारक राजू ने तारामंडल स्तिथ भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर 4 जनवरी 2024 को शिकायत कर बताया था कि उनके खाते से फर्जी तरीके से 3 लाख रुपए बैंककर्मी ने कैंटीन व्वॉय पंकज मणि त्रिपाठी के खाते में ट्रांसफर कर रुपए को हड़प लिए हैं। जिसके बाद इस तरीके की शिकायतों की तादात अचानक बढ़ गई। क्षेत्रीय कार्यालय ने एक अधिकारी के नेतृत्व में टीम नियुक्त कर मामले की जांच कराई। जिसमे पाया गया कि बैंक के शाखा प्रबंधक कुमार भास्कर भूषण, अकाउंटेंट अमरेंद्र कुमार सिंह व कैंटीन व्वॉय पंकज मणि त्रिपाठी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर पेंशन खाताधारकों, किसान क्रेडिट कार्ड खाताधारकों तथा अन्य प्रकार के खाताधारकों के खातों से रुपए की जालसाजी की है। पीपीगंज पुलिस नेतीनों आरोपियों पर केस दर्जकर जांच में जुटी रही। 

दूसरी और भारतीय स्टेट बैंक की जांच के बाद प्रबंधक कुमार भास्कर भूषण व अकाउंटेंट अमरेंद्र को निलम्बित कर कर विभागीय जांच बैठाई गई। जांच के दौरान कैंटीन व्वॉय पंकज मणि त्रिपाठी मुख्य आरोपी पाया गया।

करोड़पति बन गया कैंटीन ब्वाय: जंगल कौड़िया क्षेत्र के बलुवा गांव निवासी 20 वर्षीय पंकज मणि त्रिपाठी बैंक में कैंटीन ब्वॉय बन गया। पंकज की बैंक के अंदर काफी अच्छी पकड़ बन गई थी। इलाके के सेवानिवृत्ति लोगों को निशाना बना कर पंकज ने मिली भगत करते हुए मरे हुए व्यक्तियों का लोन करवाना शुरू किया। इसी तरह से जालसाजी करते हुए वह जल्दी ही करोड़पति बन गया।

जांच अधिकारी सहायक महा प्रबंधक सुरेश कुमार ने गुरुवार को जंगल कौड़िया चौकी पर पहुंच कर 78 पेज की अपनी जांच रिपोर्ट चौकी इंचार्ज को सौंप दी। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि 71 लाख 20 हजार गबन जांच में पाया गया। इसमें पेंशन लोन से संबंधित एवं पशुलोन के संबंधित लोगों का नाम सामने आया है। बैंककर्मियों ने जिन लोगों को लोन स्वीकृत कर जालसाजी की है उनकी संख्या 18 है जबकि इसमें मृत पेंशन धारक की संख्य 13 है। जांच में सामने आया है कि केकेसी के तीन फर्जी लोन स्वीकृत किए गए हैं।

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