राष्ट्रपति ट्रंप के फ़ैसलों से मुसीबत में कई मुस्लिम देश 

  • [By: PK Verma || 2025-02-11 16:00 IST
राष्ट्रपति ट्रंप के फ़ैसलों से मुसीबत में कई मुस्लिम देश 

जब से डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति की शपथ ली है तभी से दुनिया को ट्रंप का नया रूप देखने को मिल रहा है। इस बार ट्रंप गंभीर और सख्त लहजे में अपने फैसले सुना रहे है और उन पर अमल करवा रहे है। यह मामला तेल के अकूत भंडारों के मालिक कई मुस्लिम देशों से संबंधित है जोकि राष्ट्रपति ट्रंप के कर को लेकर फैसलों के चलते गर्त में जा रहे है। 

ईरान में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस के अकूत भंडार हैं। ईरान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गैस भंडार देश है। ओपेक में ईरान तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। शिया मुस्लिम बहुल ईरान अंतराराष्ट्रीय संबंधों और आर्थिक पैमाने पर संकटपूर्ण दौर से गुजर रहा है। इजरायल और अमेरिका से तनातनी के बीच उसकी अर्थव्यवस्था लगातार नीचे की और डुबकी मार रही है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि मुद्रास्फिति 45 फीसदी के आंकड़े को पार कर गई है और देश की आधी से ज्यादा आबादी गरीबी रेखा के नीचे चली गई है। ईरानी मुद्रा रियाल तेजी से गिरती जा रही है। इसकी वजह से लाखों ईरानी संकट में पहुंच चुके हैं। ये सब ऐसे वक्त में हो रहा है, जब ईरान पहले से ही इजारयल और अमेरिका से उलझा हुआ है और अब नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना अधिकतम दबाव ईरान पर बढ़ा दिया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़े प्रतिबंधों के जरिए ईरानी अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने की कसम खाई है। इससे ईरानी अर्थव्यवस्था तेजी से गिर रही है। ईरान में अब खाने-पीने और रहने के लिए मकान किराए की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, जिसे आम आदमी सहन नहीं कर पा रहा है। इसके परिणामस्वरूप आधी से ज्यादा आबादी गरीबी रेखा के नीचे चली गई है। ईरान के सांख्यिकी केंद्र के मुताबिक, मुद्रास्फिति 45 फीसदी से ज्यादा हो गई है। अर्थात राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों के चलते ईरान की अर्थव्यवस्था गर्त में जा रही है। 

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