5 रुपए का फिनाइल 33,500 में और 2 लाख की कचरा गाड़ी 6 लाख में 

  • [By: Meerut Desk || 2026-10-24 00:21 IST
5 रुपए का फिनाइल 33,500 में और 2 लाख की कचरा गाड़ी 6 लाख में 

मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में सरकारी खरीद पर बड़ा सवाल: 5 रुपए का फिनाइल 33,500 में और 2 लाख की कचरा गाड़ी 6 लाख में 

भोपाल:मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों (Urban Local Bodies) में सरकारी खजाने के इस्तेमाल को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। सरकारी खरीद (Government Procurement) के रिकॉर्ड में एक ही श्रेणी के सामान की कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर मिलने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती विश्लेषण में सामने आया है कि जेम पोर्टल (GeM Portal) के जरिए की गई खरीद में भारी वित्तीय अनियमितताएं बरती गई हैं।

खरीद रिकॉर्ड के चौंकाने वाले आंकड़े

नगरीय प्रशासन विभाग के सामने आए विशेष डेटा और विश्लेषण के अनुसार, अलग-अलग निकायों में एक ही प्रकार के उत्पादों के दामों में भारी भिन्नता दर्ज की गई:

  • फिनाइल (Disinfectant): रिकॉर्ड के मुताबिक, एक लीटर फिनाइल की कीमत कहीं मात्र 5 रुपए दिखाई गई, तो वहीं दूसरे निकाय में इसी तरह के उत्पाद के लिए 33,500 रुपए तक चुकाए गए।

  • LED लाइट: रिपोर्ट में बताया गया कि 60 वॉट की LED लाइट कहीं 306 रुपए में खरीदी गई, जबकि राजधानी भोपाल में इसकी कीमत 11,800 रुपए दर्ज की गई।

  • कचरा गाड़ियां और वाहन: कचरा संग्रहण वाहनों (Garbage Tippers/Dumpers) की कीमतों में भी 2 लाख से 6 लाख रुपए तक का बड़ा अंतर देखने को मिला है। कुछ मामलों में अतिरिक्त डस्टबिन या अन्य उपकरण जोड़कर कीमतें कई गुना बढ़ाने की बात भी सामने आई है।

3 साल में 1,134 करोड़ की खरीद, 250 करोड़ रुपए की चपत की आशंका

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रदेश के 374 नगरीय निकायों द्वारा GeM पोर्टल के माध्यम से लगभग 1,134 करोड़ रुपए की सामग्री खरीदी गई थी। विभागीय विश्लेषण का अनुमान है कि यदि यह तमाम खरीदारी औसत और मानक दरों पर की जाती, तो सरकारी खजाने के लगभग 250 करोड़ रुपए बचाए जा सकते थे।

प्रशासनिक सख्ती और जांच के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और चहेती फर्मों को लाभ पहुंचाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।

वहीं, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि सामने आए आंकड़ों और वीडियो की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। यदि जांच में भ्रष्टाचार या नियमों के विरुद्ध जाकर महंगी दरों पर खरीदी की पुष्टि होती है, तो संबंधित दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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