2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की राह कठिन!

  • [By: PK VERMA || 2026-08-14 22:33 IST
2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की राह कठिन!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पहली बार भाजपा की हालात खराब दिख रही है। अभी कुछ दिन पूर्व भी बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में अपना एक सर्वे कराया था जिसमें प्रदेश में भाजपा की स्थिति अच्छी नहीं थी, ऐसी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान तक पहुंची। इसकी के चलते कांवड़ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कई बार दिल्ली दरबार में हाजिरी लगानी पड़ी। उधर प्रदेश की राज्यपाल ने गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। क्या यह सब एक प्लानिंग का हिस्सा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक न्यूज चैनल के प्रोग्राम माना कि 2027 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री चेहरा नहीं होंगे। इसके साथ ही एक जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुर्सी जाती है तो चली जाएं।

और आज प्रदेश में महिला वोटरों को लुभाने और अपनी अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि हम महिलाओं को 50 हजार रुपए देंगे। जिसमें से बीस हजार चुनावों से पहले और बाकी तीस हजार दस-दस हजार की किस्तों में।

गौरतलब है कि भाजपा ने इससे पहले यूपी में नोट बांटने वाली ऐसी घोषणा कभी नहीं की। इसका साफ मतलब है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की राजनीतिक जमीन खिसक रही है।

20 हजार की जगह 40 हजार देने की घोषणा कर समाजवादी पार्टी भी कूदी मैदान में:
उत्तर प्रदेश की महिलाओं को ₹20 हजार देने संबंधी भाजपा के प्रस्ताव पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। अखिलेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे चुनावी “जुमला” बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पैसे के अलावा कुछ नहीं बचा है। उन्होंने सहायता राशि को “पाप की कमाई” तक बताया।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा ने दूसरे राज्यों में महिलाओं को आर्थिक सहायता का वादा कर चुनाव जीता, लेकिन बाद में भुगतान से बचने और राशि वापस मांगने का प्रयास किया। हालांकि पोस्ट में उन्होंने किसी राज्य या मामले का विस्तृत प्रमाण नहीं दिया।

अखिलेश यादव ने राजनीतिक गणित पेश करते हुए कहा कि ₹50 हजार सालाना के हिसाब से दस वर्षों में महिलाओं का हिस्सा ₹5 लाख बनता है। ऐसे में भाजपा के ₹20 हजार केवल 4% हैं और ₹4.80 लाख का बकाया रहता है। उन्होंने इसे “80:20 वालों का 96:4 वाला रिकॉर्ड” बताया। यह गणना अखिलेश का राजनीतिक दावा है, कोई आधिकारिक सरकारी बकाया नहीं।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घोषणा की:

“हम ₹40 हजार से शुरुआत करेंगे और इसमें हर साल बढ़ोतरी होगी।”

उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने महिलाओं के अधिकारों का पैसा अपने प्रचार पर खर्च किया। भाजपा की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

TAGS

# UP2027

SEARCH

RELATED TOPICS