नगर निगम मेरठ में नियमों को ताक पर रख अपर आयुक्त को दिया करोड़ो के भुगतान का अधिकार

  • [By: PK VERMA || 2026-07-04 13:16 IST
नगर निगम मेरठ में नियमों को ताक पर रख अपर आयुक्त को दिया करोड़ो के भुगतान का अधिकार

मेरठ। इन दिनों नगर निगम में नगरायुक्त की खुलकर मनमानी चल रही है। पूरे शहर की सड़के खुदी पड़ी है। बेहद घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा है। बेहद खराब क्वालिटी की निर्माण सामग्री इस्तेमाल की जा रही है। कई जगह तो निर्माण कार्य पूरा करने के समय सीमा भी खत्म हो चुकी है। रोज शिकायतें हो रही है। लेकिन नगरायुक्त कुछ करने को तैयार नहीं। मनमर्जी के एक नया मामल सामने आया है। चीफ फाइनेंस कंट्रोलर जितेंद्र कुमार सिंह का ट्रांसफर होने के बाद लेखाधिकारी की कुर्सी खाली हो गई। तो लेखाधिकारी कृष्ण बिहारी पाठक के होने के बावजूद नगरायुक्त ने नियमों को ताक पर रख कर दर्जन भर चार्ज/विभाग के प्रभारी अपर नगरायुक्त पंकज कुमार सिंह को सह प्रभारी लेखा का अतिरिक्त प्रभार दे दिया और मौजूदा लेखाधिकारी को बाईपास कर दिया। नगरायुक्त के इस आदेश से भ्रष्टाचार की बू आ रही है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई है और सूचना के अधिकार में पूछा गया है कि नगर निगम नियमावली के किस एक्ट/धारा के तहत मौजूदा लेखाधिकारी को बाईपास करके अपर नगरायुक्त को भुगतान की फाइलों पर हस्ताक्षर करने का अधिकार दिया है जबकि लेखाधिकारी के हस्ताक्षर से ही भुगतान किया जा सकता है। यह उच्च स्तरीय जांच का विषय है।

अपर नगरायुक्त पंकज कुमार सिंह पर नगर निगम के आधे से ज्यादा विभागों का चार्ज है। इन पर 17 विभागों की जिम्मेदारी है। निगम ऑफिस में महीने में शायद ही कभी बैठते हो। तमाम पत्रावलियां अपने आवास पर ही मंगाते है। जिसके चलते कई बार अपनी परेशानियों को लेकर नागरिक इन्हे निगम में ढूंढते रहते है लेकिन अपर नगरायुक्त कभी किसी परेशान नागरिक से नहीं मिलते। इन्होने इतने सारे विभाग घेर रखे है कि इन्हे आम आदमी और उनकी परेशानियों से कोई मतलब नहीं, कोई सरोकार नहीं। इनका सारा फोकस केवल मलाईदार फाइलों में रहता है। एशियन एक्सप्रेस लाइव के वरिष्ठ संवाददाता कई बार निगम स्थित ऑफिस में ख़बरों के बाबत बाईट लेने गए लेकिन कई महीनो से अपर नगरायुक्त कभी भी अपनी सीट नहीं मिलें। 

अपर नगरायुक्त पंकज कुमार सिंह पर नगर निगम के आधे से ज्यादा विभागों के चार्ज है।

  1. प्रभारी महाप्रबंधक (जलकल)
  2. वरिष्ठ प्रभारी जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र
  3. वरिष्ठ प्रभारी जनसूचना/ जनसूचना अधिकारी
  4. वरिष्ठ प्रभारी विभिन्न मंडलीय/जनपदीय/जिला प्रशासन एवं उद्योग बंधु, व्यापार बंधु आदि बैठकों/समितियों में निगम प्रतिनिधि के रूप में प्रतिभाग करना
  5. वरिष्ठ प्रभारी लोकसभा/राज्यसभा/विधानसभा/विधान परिषद एवं अन्य वि विधायी समितियों/आयोगों/ट्रिब्यूनल आदि से संबंधित समस्त कार्य।
  6. वरिष्ठ प्रभारी गौशाला
  7. वरिष्ठ प्रभारी समस्त कार्मिक/अधिष्ठान
  8. वरिष्ठ प्रभारी समस्त आउटसोर्स कार्मिक
  9. वरिष्ठ प्रभारी निराश्रित गौवंश, आवारा पशु
  10. वरिष्ठ प्रभारी ऐनीमल केचर यूनिट, ट्रामा सेंटर
  11. वरिष्ठ प्रभारी अभिलेखागार/कोषागार
  12. वरिष्ठ प्रभारी कंप्यूटर/ईo टेंडर सेल
  13. वरिष्ठ प्रभारी आउटसोर्स वाहन आपूर्ति
  14. वरिष्ठ प्रभारी प्रधानमंत्री आवास योजना, स्ट्रीट वेंडर एक्ट के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडरों एवं स्ट्रीट वैंडिंग से संबंधित समस्त दायित्वों का निर्वहन करना
  15. प्रभारी प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना
  16. प्रभारी डूडा से संबंधित निगम स्तरीय समस्त कार्य
  17. अधोहस्ताक्षरी द्वारा समय समय पर निर्देशित अन्य कार्य

अब सह वरिष्ठ प्रभारी लेखा का भी चार्ज: अपर नगरायुक्त की अनुकंपा से पंकज कुमार सिंह को निगम के ख़जाने का भी रखवाला बना दिया है। यानी निगम में पहले से ही मौजूद लेखाधिकारी को बाईपास कर अपर नगरायुक्त पंकज कुमार सिंह को लेखा विभाग का सह वरिष्ठ प्रभारी लेखा की बड़ी और मलाईदार कुर्सी दे दी गई। अब इन अपर नगरायुक्त से पहले से ही 15 विभागों का भार है जिनके साथ वह न्याय नहीं कर पा रहे, समय नहीं दे पा रहे है। ग़ौरतलब है कि गत वर्ष नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ हरपाल के पास भी जरुरत अधिक विभागों का जिम्मा था, और उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी।

लेखाधिकारी की कुर्सी लिए घमासान: अपर नगरायुक्त पंकज कुमार अब न तो खुद ही मुख्य लेखाधिकारी के केबिन में बैठ रहे है और न ही दूसरे लेखाधिकारी कृष्ण बिहारी पाठक को बैठने दे रहे है। लेखाधिकारी की मलाईदार कुर्सी के लिए कई दिनों तक घमासान होती रही। लेखाधिकारी कृष्ण बिहारी पाठक एक दिन मुख्य लेखाधिकारी के केबिन में बैठे तो बाहर अपर नगरायुक्त पंकज कुमार ने अपने नाम की नेमप्लेट लगवा दी और केबिन पर ताला लगवा दिया। तो लेखाधिकारी कृष्ण बिहारी पाठक ताला लगे केबिन के बाहर कुर्सी डाल कर बैठ गए। इस पर नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने दोनों अधिकारियों को अपने अपने ऑफिस में बैठने के निर्देश दे दिए। इस निर्देश के बाद कृष्ण बिहारी पाठक तो अपने पुराने ऑफिस में बैठने लगे। लेकिन पंकज कुमार सिंह आदतन अपने ऑफिस में नहीं बैठे। उन्हें तमाम फ़ाइल अपने आवास ही मंगाने की पुरानी आदत हैं। 

अपर नगरायुक्त को सह वरिष्ठ प्रभारी लेखा का अतिरिक्त चार्ज देने पर शासन से शिकायत: अपर नगरायुक्त पंकज कुमार सिंह को सह वरिष्ठ प्रभारी लेखा का चार्ज दिए जाने पर नगर निगम नियमावली के जानकर और बुद्धिजीवी लोगों का कहना है कि अपर नगरायुक्त पंकज कुमार सिंह को 40 हजार रुपए तक के कार्य  भुगतान की प्रशासनिक अधिकार है। ऐसे में उसी अधिकारी को करोडो रूपये के भुगतान की फ़ाइलों को स्वीकृत करने को अधिकृत कर दिया गया। यह पूरी तरह से गलत हैं। यह कार्य लेखाधिकारी का होता है, सह वरिष्ठ प्रभारी लेखा का नहीं। इस बाबत राज्य सरकार से शिकायत की गई है। 

जनसूचना में माँगा जवाब: अपर नगरायुक्त को सह वरिष्ठ प्रभारी लेखा का अतिरिक्त चार्ज देने और उन्हें भुगतान करने का अधिकार देने के संबंध में शनिवार 4 जुलाई को एक जनसूचना के तहत नगरायुक्त से नगर निगम नियमावली की सत्यापित छायाप्रति मांगी गई है जिसके अंतर्गत अपर नगरायुक्त पंकज कुमार सिंह को सह वरिष्ठ प्रभारी लेखा का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।

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